1. दशकों पुराने सपने को साकार करने के लिए बड़े पैमाने पर काम जारी
  2. MEIL के इस चमत्कार को पूरा करने के लिए श्रमिक और इंजीनियर्स कर रहे कठिन परिश्रम
  3. ढलान और इसके चैनल का काम द्रुत गति से जारी
  4. ऊपरी और निचले कॉफरडैम और ECRF का काम युद्धस्तर पर जारी
  5. पोलावरम पिरयोजना इलाके में MEIL की मशीनरीज़ और भारी क्रेन्स व्यस्त
  6. 63 मीटर की ऊंचाई पर कंक्रीट के काम के लिए बूम प्लेसर्स स्थापित
  7. बूम प्लेसर मशीन से 90 घन मीटर काम एक घंटे में संभव
  8. भारत में पहली बार ऐसी मशीनों का इस्तेमाल
  9. MEIL की टेलीबेल्ट-200 मशीन पोलावरम साइट पर काम में जुटी
  10. दुनिया में महज 3 टेलीबेल्ट-200 मशीन उपलब्ध, यहां एशिया का पहला मशीन कार्यरत
  11. टेलीबेल्ट-200 मशीन से 200 घन मीटर काम एक घंटे में संभव
  12. वीओ: पोलावरम परियोजना का मुख्य मकसद गोदावरी के उफनते बाढ़ को समुद्र में मिलने से रोकना है और राज्य को
  13. खुशहाल बनाना है। 
  14. इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए MEIL द्रुत गति से काम में जुटी है।
  15.  इस तरह की परियोजना का
  16. पहला प्रस्ताव सन् 1941 में दिया गया, जब देश में अंग्रेजों का राज था।
  17.  पश्चिमी गोदावरी के पोलावरम मंडल के
  18. रमैयापेट को परियोजना कार्य के लिए चुना गया था। 
  19. सन् 2004 में तत्कालीन मुख्यमंत्री वाई एस राजशेखर रेड्डी ने जल
  20. यज्ञम नाम से इस परियोजना का आगाज किया था। राज्य पुनर्गठन अधिनियम के तहत केंद्र सरकार ने इसे राष्ट्रीय
  21. परियोजना घोषित किया है।
  22. बीते साल नवंबर महीने में ऊपरी कॉफरडैम का बचा हुआ 35.83 लाख घन मीटर का काम शुरू हो चुका है। 
  23. MEIL ने
  24. निचले कॉफरडैम के बाकी के 22.09 लाख घन मीटर काम को जुलाइ 2021 तक पूरा करने की योजना बनाई है। 
  25. इस
  26. काम का उद्देश्य पानी को गोदावरी डेल्टा की तरफ खरीफ और रबी के मौसम में मोड़ना है।
  27.  ऊपरी और निचले कॉफरडैम
  28. के बीच जमीनी और पत्थर बिछाने का 117.69 लाख घन मीटर काम दिसंबर 2021 तक पूरा करने का लक्ष्य है। 
  29. तीन
  30. पहाड़ियों के बीच गोदावरी के किनारों पर MEIL 2454 मीटर लंबे जमीनी और पत्थर भराई के काम को अंजाम दे रही
  31. है। बालू के ऊपर ये दुनिया की सबसे लंबी रॉक डैम होगी।
  32. वीओ: चीन के थ्री जॉर्जेज परियोजना के सबसे बड़े ढलान की क्षमता 37 लख क्युसेक पानी को छोड़ने की है।
  33.  जबकि MEIL
  34. ऐसे स्पिलवे यानी ढलान का निर्माण कर रही है, 
  35. जिसके ऊपर से 50 लाख क्यूसेक बाढ़ का पानी नीचे छोड़ा जा सकेगा।
  36. 52 मीटर की ऊंचाई पर ढलान पिलर्स का निर्माण और गडर्स स्थापित करने का काम जल्दी ही शुरू होगा। 
  37. फिर उसके
  38. ऊपर छत निर्माण का काम शुरू होगा। 
  39. इसके बाद जमीनी और रॉकफिल डैम गैंप -1 और गैप -2 के बीच काम शुरू किया
  40. जाएगा।
  41. ब्रिटिश काल में सन् 1941 में पोलावरम परियोजना का पहला प्रस्ताव आया था
  42. केंद्र सरकार ने पोलावरम को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा दिया है
  43. रिवर्स टेंडरिंग प्रक्रिया के तहत MEIL ने परियोजना का काम संभाला है
  44. सरकारी खजाने को रिवर्स टेंडरिंग प्रक्रिया से 838.51 करोड़ की हुई बचत
  45. कार्य योजना के तहत दिसंबर 2021 तक महत्वाकांक्षी परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य
  46. सीडब्ल्यूसी ने लंबित परियोजना डिजाइन को मंजूरी दी